Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

Friday, October 16, 2026

सुप्रीम कोर्ट की ECI को फटकार, कहा- बहाने नहीं चलेंगे:काउंटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग दें; 2023 कर्नाटक चुनाव में 201 वोट से हार का मामला

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक की श्रींगेरी विधानसभा सीट पर 2023 में हुई वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलने पर चुनाव आयोग को फटकार लगाई। जस्टिस संजय कुमार और संजीव सचदेवा की बेंच ने ECI से कहा, चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि उसका रिकॉर्ड खो गया? आपका काम चुनाव कराना है और आपके पास दस्तावेज होना चाहिए। यह कहने का सवाल ही नहीं है कि आप उसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के बहाने नहीं चलेंगे। यह मामला कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा की याचिका से जुड़ा है। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में श्रींगेरी सीट पर राजेगौड़ा ने बीजेपी उम्मीदवार डीएन जीवराज को सिर्फ 201 वोटों से हराया था। कर्नाटक चुनाव विवाद, 6 पॉइंट्स में जानें… 1. 2023 कर्नाटक चुनाव में क्या हुआ था? 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टीडी राजेगौड़ा ने भाजपा के डीएन जीवराज को 201 वोटों से हराया था। जीवराज ने इस नतीजे को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 2. वोटों की दोबारा गिनती क्यों हुई? 6 अप्रैल 2026 को कर्नाटक हाईकोर्ट ने पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच का आदेश दिया। इसमें पहले खारिज किए गए 279 पोस्टल बैलेट की फिर से जांच भी शामिल थी। 3 मई 2026 को संशोधित नतीजा घोषित हुआ। इसमें राजेगौड़ा के वोट 255 कम हो गए और जीवराज को विजेता घोषित कर दिया गया। 3. कांग्रेस उम्मीदवार ने क्या आपत्ति जताई? राजेगौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हाईकोर्ट ने केवल 279 खारिज पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच का आदेश दिया था। लेकिन उनके मुताबिक, रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके पक्ष में पड़े 562 वैध पोस्टल बैलेट पर भी दोबारा विचार किया। उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती दी है। यह उनका पक्ष है; इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। 4. वोटों की गिनती का वीडियो क्यों महत्वपूर्ण है? राजेगौड़ा ने मूल मतगणना और दोबारा गिनती के वीडियो के साथ चुनाव पर्यवेक्षक की रिपोर्ट मांगी है। इन रिकॉर्ड से यह जांचने में मदद मिल सकती है कि मतगणना के दौरान क्या हुआ और प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं। लेकिन चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2023 की काउंटिंग का वीडियो उसे नहीं मिल रहा है। 5. अभी राजेगौड़ा विधायक हैं या नहीं? मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि उनकी याचिका लंबित रहने तक वे विधायक बने रहेंगे। इसलिए संशोधित नतीजे में हार के बावजूद उन्हें फिलहाल राहत मिली हुई है। 6. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 15 फरवरी 2027 को तय की है। चुनाव आयोग को उपलब्ध वीडियो और अन्य रिकॉर्ड पेश करने होंगे। इसके बाद कोर्ट मतगणना और दोबारा जांच से जुड़े विवाद पर आगे विचार करेगा। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- तमिलनाडु सरकार लोगों को दुश्मन समझ रही मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु पुलिस से RSS के रूट मार्च को अनुमति नहीं देने पर सवाल किया। कोर्ट ने पूछा कि जम्मू-कश्मीर में RSS मार्च कर सकता है, तो तमिलनाडु पुलिस हर साल अनुमति क्यों रोकती है? पूरी खबर पढ़ें…

https://ift.tt/VFviWEm

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot